स्वास्थ्य

सांसदों की लापरवाही से ब्राडगेज निर्माण कार्य की गति धीमी

  • 10 साल बाद भी नहीं हो पाया कार्य पूर्ण
    सिवनी 25 सितंबर 2020 (लोकवाणी)। अंगे्रजों के शासन काल के दौरान सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला जैसे प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण जिलों को नागपुर व जबलपुर महानगरों से जोडऩे के लिये छोटी रेललाईन का संचालन आरंभ किया गया था। इस दौरान अंगे्रजों की दूरदर्शिता के चलते वर्षों तक छोटी रेललाईन के माध्यम से मंडला एवं बालाघाट संसदीय क्षेत्र के हजारों नागरिक रेल के माध्यम से आवागमन का फायदा लेते रहे।
    केंद्र में सरकारें आई और चली गई, लेकिन भारत के ह्दय स्थल कहे जाने वाले नागपुर से लगे इन जिलों को ब्रॉडगेज से जोडऩे के लिये किसी सरकार ने प्रयास ही नहीं किया। प्रधानमंत्री मोदी के प्रथम शासनकाल के दौरान वर्ष 2010 में छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला के मध्य संचालित छोटी रेललाईन को बंद उसे ब्रॉडगेज में परिवर्तन करने के लिये स्वीकृति अवश्य दी गई, लेकिन 10 साल बीतने के बाद भी मार्ग में आवागमन आरंभ होने की स्थिति नहीं बन पायी है।
    रेल मंत्रालय के माध्यम से संचालित निर्माण कार्य के दौरान नैनपुर से पलारी के मध्य का कार्य लगभग पूर्ण होने की स्थिति में है, वहीं छिंदवाड़ा से काराबोह के बीच भी विगत दिनों ब्रॉडगेज रेल संचालन के लिये पटरियां बिछाने का कार्य आरंभ हो चुका है। अफसोस का विषय यह है कि इस दौरान काराबोह से सिवनी के मध्य चल रहा अमान परिवर्तन कार्य अत्यंत धीमी गति से किया जा रहा है, जहां अभी भी मुख्य स्टेशनों का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सका है।
    जिले में रेल मंत्रालय द्वारा पदस्थ कर्मियों से मिली जानकारी के अनुसार काराबोह-सिवनी के मध्य निर्माण कार्य के लिये पर्याप्त मात्रा में बजट आवंटित है, लेकिन अधिकृत निर्माण एजेंसी द्वारा कार्य में हीला-हवाली की जा रही है, जिसके परिणामस्वरूव स्टेशनों के अलावा रेल लाईन बिछाने के लिये किया जाने वाला बेस वर्क भी अपूर्ण पड़ा है।
    लोक सभा चुनाव 2018-19 के दौरान मंडला एवं बालाघाट संसदीय क्षेत्र के मतदाताओं ने विकास के नाम पर भाजपा प्रत्याशियों को विजय बनाया, जहां वर्तमान स्थिति में जिले की आवाज संसद तक पहुंचाने के लिये केंद्रीय मंत्री फग्गनसिंह कुलस्ते मौजूद है, वहीं सांसद ढालसिंह बिसेन भी जनता की मांगों को पूर्ण कराने के लिये निर्वाचित सांसद है, परंतु ब्रॉडगेज परिवर्तन की धीमी गति को लेकर दोनों ही निर्वाचित सांसदों की सक्रियता ना के बराबर होने से स्थानीय तौर पर नियुक्त रेल मंत्रालय के अधिकारी मनमाने तरीके से अपना कार्य कर रहे है, जबकि केंद्र सरकार के रेल मंत्रालय द्वारा छिंदवाड़ा-सिवनी-मंडला के मध्य अमान परिवर्तन के कार्य को एक ही परियोजना में शामिल कर रखा गया है, ताकि सभी सेक्शनों में आवंटित बजट के आधार पर कार्य तीव्र गति से चलता रहे।
    ये क्या कहते है
    काराबोह से सिवनी के मध्य निर्माण कार्य की धीमी गति का मामला मेरे संज्ञान में है, रेल्वे बोर्ड के अध्यक्ष से अमान परिवर्तन के कार्य में तेजी लाने के लिये मुलाकात की जायेगी, ताकि संसदीय क्षेत्र के नागरिकों को ब्रॉडगेज सेवा का लाभ वर्ष 2021 के पूर्व मिल सके।
    डॉ. ढालसिंह बिसेन
    सांसद, सिवनी-बालाघाट

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