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भ्रष्टाचार के मामले में सरपंच और सचिव को 7-7 वर्ष का कठोर कारावास

सिवनी 03 सितंबर (लोकवाणी)। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश लक्ष्मण कुमार वर्मा की अदालत ने ग्राम पंचायत बंधा और मकरझिर से जुड़े भ्रष्टाचार प्रकरण में तत्कालीन सरपंच बालाराम भलावी और तत्कालीन सचिव वीरेन्द्र सिंह राजपूत को दोषी ठहराते हुए 7-7 वर्ष का कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
मीडिया सेल प्रभारी मनोज कुमार सैयाम ने जानकारी दी कि वर्ष 2016 में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत लखनादौन अरुण त्रिपाठी द्वारा थाना प्रभारी धूमा को लिखे पत्र में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत की गई थी। जांच में पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2013-14 और 2014-15 में ग्राम पंचायत बंधा के तत्कालीन सरपंच बालाराम भलावी एवं सचिव हुकुम सिंह डहेरिया ने करीब 11 लाख 39 हजार 98 रुपये की राशि आहरित कर कोई निर्माण कार्य नहीं कराया और राशि का गबन किया।
इसी प्रकार वर्ष 2014-15 में सरपंच बालाराम भलावी और सचिव वीरेन्द्र राजपूत ने 1 लाख 69 हजार 500 रुपये की राशि आहरित कर धोखाधड़ी की। वहीं ग्राम पंचायत मकरझिर में वर्ष 2012-13 और 2013-14 के दौरान तत्कालीन सरपंचा प्रेमा बाई वरकड़े और सचिव वीरेन्द्र राजपूत ने लगभग 20 लाख 84 हजार 77 रुपये की राशि गबन की।जांच में यह सिद्ध हुआ कि आरोपीगणों ने बीआरजीएफ एवं पंचपरमेश्वर योजना की राशि बैंक खातों से आहरित कर कोई निर्माण कार्य नहीं कराया और दस्तावेजों में भी हेरफेर की।
विशेष लोक अभियोजक/सहायक जिला अभियोजन अधिकारी नवल किशोर सिंह ने न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत किए। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश लक्ष्मण कुमार वर्मा की अदालत ने आरोप सिद्ध मानते हुए आरोपियों को धारा 409, 420, 467, 468, 471, 120बी भादवि एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत कठोर कारावास और अर्थदंड से दंडित किया।

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