सिवनी 26 सितंबर (लोकवाणी)। एकलव्य विश्वविद्यालय, दमोह ने सिवनी उत्तर वन मंडल के डीएफओ और 2014 बैच के भारतीय वन सेवा अधिकारी डॉ. महेंद्र सिंह उईके को पीएचडी की उपाधि प्रदान की है।
डॉ. उईके ने इतिहास विषय में गढ़ा-मण्डला के गोंड शासकों के प्रमुख दुर्ग एक ऐतिहासिक अध्ययन विषय पर शोध कार्य किया। यह शोध कार्य इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. मनीषा दीक्षित के निर्देशन और डॉ. मशकूर अहमद कादरी के सह-निर्देशन में पूरा हुआ। पीएचडी की मौखिकी परीक्षा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. पवन कुमार जैन की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस परीक्षा में परीक्षक के रूप में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर से आमंत्रित प्रो. अलकेश चतुर्वेदी शामिल हुए।

मौके पर विश्वविद्यालय की कुलाधिपति डॉ. सुधा मलैया, प्रतिकुलाधिपति श्रीमति पूजा मलैया और श्रीमति रति मलैया सहित कई प्राध्यापक एवं शोधार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कला एवं मानविकी संकाय के अधिष्ठाता प्रो. आर.सी. जैन, बेसिक एवं एप्लाइड साइंस की अधिष्ठाता डॉ. निधि असाटी, संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार जैन, प्रो. सूर्यनारायण गौतम, प्रो. उषा खंडेलवाल, डॉ. विवेक गेडाम, डॉ. सिराज खान, डॉ. प्रमिला कुशवाहा, डॉ. वंदना पाण्डेय सहित अनेक विद्वान मौजूद रहे। डॉ. महेंद्र सिंह उईके की इस उपलब्धि पर शैक्षणिक और वन सेवा से जुड़े सहकर्मियों ने बधाई दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि उनका शोध गोंड शासकों की ऐतिहासिक धरोहर को नई दिशा प्रदान करेगा।



