सिवनी 13 अक्टूबर (लोकवाणी)। मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में हुए हवाला कांड में जांच के दौरान नए खुलासे लगातार सामने आ रहे हैं। वही इस मामले में जबलपुर पुलिस महानिरीक्षक प्रमोद वर्मा सोमवार को सिवनी पहुंचे और घटनाक्रम को लेकर अधिकारियों से चर्चा की।

ज्ञात हो कि बीते दिवस 8 अक्टूबर 2025 की रात हुई घटना में अब तक डीएसपी पूजा पांडे व बंडोल थाना प्रभारी अर्पित भैरम सहित कुल 11 कर्मचारियों के निलंबन की कार्यवाही की जा चुकी है। वही अभी भी इस मामले में पुलिस जांच कर रही है। सिवनी के इस हवाला कांड के बाद पुलिस विभाग की छवि को लेकर आम जनता में तरह तरह की चर्चाएं भी हो रही है। घटना में 1.45 करोड़ रुपये नकद जब्त होने के मामले में लखनवाड़ा थाना पुलिस ने शनिवार देर रात तीन लोगों सोहन परमार, इरफान पठान और शेख मुख्तियार के खिलाफ संगठित अपराध की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। राष्ट्रीय स्तर पर सिवनी में हुए हवाला कांड के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर अनेक सवाल उठ रहे हैं। आखिर पूरी 2.96 करोड़ में से केवल 1.45 करोड़ ही क्यों जमा की गई, और सूचना वरिष्ठ अधिकारियों तक देर से क्यों पहुंची। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का सच सामने आएगा।
जबलपुर के पुलिस महानिरीक्षक सोमवार को सिवनी पहुंचे थे जहां उन्होंने प्रेस से चर्चा करते हुए कहा कि लखनवाड़ा थाना अंतर्गत जिन आरोपियों के विरूद्ध अपराध दर्ज किया गया है उसमें ऋटि पायी गई है। इस कारण प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए दर्ज अपराध की विवेचना सिवनी जिले से जबलपुर जिले के क्राईम ब्रांच को स्थानांतरित की गई है तथा यहां पर पदस्थ एएसपी दीपेन्द्र सिंह मामले की जांच करेंगे। इस गंभीर घटना क्रम से पुलिस विभाग की छवि बहुत खराब हुई है। इस प्रकरण में जो राशि जब्त की गई है वह जांच का विषय है।




